'बंगाल चले हम' में हमारी मुलाकात झारग्राम की आदिवासी महिला सुंदरी से हुई। ये परिवार टूटी फूटी झोपड़ी में रहता है, खाने के लिए मुश्किल से साग-भात मिलता है। सरकारी राशन या कोई और मदद नहीं मिली। क्या बंगाल सरकार सुंदरी की मदद करेगी?
'बंगाल चले हम' में हमारी मुलाकात झारग्राम की आदिवासी महिला सुंदरी से हुई। ये परिवार टूटी फूटी झोपड़ी में रहता है, खाने के लिए मुश्किल से साग-भात मिलता है। सरकारी राशन या कोई और मदद नहीं मिली। क्या बंगाल सरकार सुंदरी की मदद करेगी?